मैं गंगा की अविरल धारामैं सरयू हूँ कालिन्दी हूँमैं हिंदी हूँ मैं हिंदी हूँ मैं हिंदी हूँ मैं हिंदी हूँमैं हूँ देवों की दिव्य गिरामैं राम-कृष्ण की वसुंधरामैं महावीर की जिनवाणीमैं 'बुद्धं शरणं गच्छामी'मैं ही श्रीजी की अधर काँतिमैं सीता माँ की बिन्दी हूँ ।मैं हिंदी हूँ 2मैं हाला हूँ मधुशाला हूँमैं 'बच्चन' की मधुबाला हूँमैं सूरदास की दिव्य दृष्टिमैं हूँ मीरा की प्रेम वृष्टितुलसी की रामचरितमानसरविदास की चंदन चिंदी हूँ । मैं हिंदी हूँ 2.मैं पावन काशी की आभामैं हूँ वृंदावन की शोभामैं रामचंद्र की मौन वृत्तिमैं हूँ कान्हाँ की किलकारीमैं विश्वमोहिनी रसवंतीमैं रिद्धि हूँ मैं सिद्धी हूँ । मैं हिंदी हूँ 2.मैं गंगा की अविरल धारामैं सरयू हूँ कलिन्दी हूँमैं हिंदी हूँ मैं हिंदी हूँ 2©️ सुकुमार सुनील9258704656
शुक्रवार, 11 नवंबर 2022
गीत (मैं हिन्दी हूँ)
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2 टिप्पणियां:
बहुत सुन्दर
अत्यंत सुंदर गीत
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