रविवार, 6 नवंबर 2022

छंद (तिरंगा)



 अगणित अधरों पे छाया मुस्कान बन

जन-गण-मन की जी शान ये तिरंगा है।

गौरव करें भी हम तो क्या अहसान कोई?

तन्तु-तन्तु गौरव का गान ये तिरंगा है।। 

मौत के भी डाल आँख आँख में करें जो बात

देश के प्रहरियों की जान ये तिरंगा है।

शौर्य शक्ति शांति यही यही समृद्धि मीत

सच पूछो भारत के प्रान ये तिरंगा है।।

©️ सुकुमार सुनील 

2 टिप्‍पणियां:

बेनामी ने कहा…

Bht sunder

बेनामी ने कहा…

Tirangaa meri jaan aur shaan

भारतीय रेल: परिवहन का सुगम साधन या खेल? — ढोल की पोल खोलता बेबाक ब्लॉग

 भारतीय रेल: परिवहन का सुगम साधन या खेल? — ढोल की पोल खोलता बेबाक ब्लॉग प्रस्तावना: रेल — जीवनरेखा या सिरदर्द? भारतीय रेल को हमेशा गरीब और म...